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गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग तेज, संतों ने सौंपा ज्ञापन

 गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग तेज, संतों ने सौंपा ज्ञापन

गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की उठी मांग, विभिन्न संगठनों व संतों ने अभियान में जताई सहभागिता


 गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर संतों व सामाजिक संगठनों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।संतो ने गौ माता के सम्मान के लिए गुफा मंदिर से गौ माता के प्रतीक स्वरूप छोटे छोटे बछड़ों के संग भजन-कीर्तन करते हुए कलेक्टर ऑफिस पहुंचे। जहां गौ हत्या को बंद कर उसे राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने विशाल जनसमूह ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया।इस दौरान “गौमाता सम्मान आह्वान अभियान” को व्यापक जनसमर्थन दिलाने की अपील भी की गई।


ज्ञापन सौंपने वालों में महंत कन्हैया दास, महंत लोकनाथ दास (गुफा मंदिर), महंत रामप्रवेश दास जी, महंत विमल दास त्यागी जी, चैतन्य दास महाराज अयोध्या वाले, गोशर्णानंद महाराज, प्रमुख रूप से शामिल रहे।संतों में महंत रामप्रवेश दास जी वरिष्ठ संत ने अगुआई की। 


इसके साथ ही हरिप्रिया गौशाला के संस्थापक आशीष तिवारी, हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, करणी सेना के महिला मोर्चा, भगवा पार्टी सहित अन्य संगठनों ने भी इस अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई और गौ संरक्षण के लिए विनम्र अपील की।


संतों ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौमाता का विशेष स्थान है और उनकी सुरक्षा व सम्मान के लिए कठोर कानून बनाए जाने चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गौहत्या पर सख्ती से रोक लगाई जाए और गौवंश के संरक्षण हेतु प्रभावी कदम उठाए जाएं।

जिसके बाद तहसीलदार ने संतो के मांगो को प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। 


इस अवसर पर उपस्थित सभी संगठनों और संतों ने एक स्वर में कहा कि “गौमाता सम्मान अभियान” को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा और देशभर में जागरूकता फैलाकर इस मांग को मजबूत किया जाएगा।





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