Motivational story/गरीबों का दु:ख नहीं देखा गया..बन गए ‘भगवान’!
kisse kahaniaMotivational s tory/ गरीबों का दु:ख नहीं देखा गया..बन गए ‘भगवान’! शांतनु शर्मा. अपने लिए जिये तो क्या जिये…. एक …
Motivational s tory/ गरीबों का दु:ख नहीं देखा गया..बन गए ‘भगवान’! शांतनु शर्मा. अपने लिए जिये तो क्या जिये…. एक …
पाठकों आपके फोन,मेल, मैसेज लगातार मिल रहे हैं। ‘फटफटी साहब की हवेली’ के बहुत किस्से हैं। आपके अनुरोध पर आज एक और नई स्…
नौकरी का पहला ही दिन था। बड़ी मेहनत,प्रतीक्षा और चप्पल घसीटी के बाद मिली थी राकेश को शिक्षाकर्मी की यह नौकरी। जाने…
लेखक-अशोक शर्मा सु बह के नौ बज चुके थे। मुनिया के जागने की हल्की सी आहट हुई तो तुरंत उसके बिछौने की ओर दौड़ पड़ी…
भोपाल . यहां से 45 कि. दूर है सीहोर शहर। रियासत के जमाने में ये शहर भोपाल की राजधानी हुआ करता था। भोपाल रियासत के कई ब…
भोपाल-इंदौर रोड पर‘लालघाटी’ स्थित है। ठीक बैरागढ़ से पहले। अब तो यहां कांक्रीट के जंगल बन गए हैं। एक वक्त ऐसा भी था जब …
लेखक-अशोक शर्मा मगन लाल जी का मन आज बहुत विचलित था। बहुत दिन हो गये थे बहन,बहन दामाद और ,भाँजे-भाँ…
ये वही तालाब है, जहां ये घटना घटी है। गर्मी की वजह से तालाब में पानी कम हो गया है एक दिन अचानक खबर…
मुर्दा झांक रहा था खिड़की से….यहां आज भी भटकती है रूह शांतनु शर्मा . बात 1992 की है। रायपुर से मेरा तबादला नागपुर हुआ। श…
शांतनु शर्मा. दोस्तों रहा नहीं गया। आपकी मांग पर मुझे फिर आना पड़ा। तो चलिए…..फिर चलते हैं फटफटी साहब की हवेली। ए…