गोरक्षा के बिना भारतीय समाज में समरसता और समृद्धि संभव नहीं: ग्वाल संत पूज्य गोपालानन्द सरस्वती जी महाराज
- गो सम्मान आह्वान के तीसरे चरण में 17 दिसंबर को 11 लाख लोग भोपाल पहुंचेगोरक्षा के बिना भारतीय समाज में समरसता और समृद्धि संभव नहीं, इतिहास साक्षी हैं देश में जहां-जहां समाज गौरक्षा की जगह संपत्ति और सुरक्षा चाही है वहां धर्म का पतन हो गया है। यह बात पूज्य ग्वाल संत श्री गोपालानन्द सरस्वती जी महाराज ने गो सम्मान आह्वान अभियान के तीसरे चरण की रूपरेखा की बैठक में कही। बुधवार को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के ज्ञान-विज्ञान भवन में संभागीय बैठक में मौजूद प्रदेश प्रभारी और भोपाल नर्मदापुरम, ग्वालियर और चम्बल संभाग के संभाग, जिला और तहसील स्तर से जुड़े कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूज्य संत गोपालानन्द जी ने कहा अभियान के माध्यम से गो-हत्या पर पूर्ण राष्ट्रीय प्रतिबंध, गो-तस्करी पर रोक और गो-संवर्धन से जुड़ी नीतियां बनाने के लिए केंद्र तीसरे चरण में 31 करोड़ लोगों के हस्ताक्षर सरकार को सौंपे जाएंगे। अपनी मांगों को लेकर 17 दिसंबर को प्रदेश भर से 11 लाख लोग को भोपाल पहुंचेगे, जिसका मुख्य कार्यक्रम जंबूरी मैदान में होगा।
उन्होंने बताया कि यह गौ आधारित अर्थ-व्यवस्था में ही मानवजाति का हित है। यह एक ऐसा अभियान है कोई एक व्यक्ति या संस्था का चलाया हुआ न होकर सबका है। इसे सनातन धर्म के सभी मत-संप्रदायों के साधू संत और आम नागरिकों का समर्थन भी मिल रहा है।
गौमाता की सेवा सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित कराने जन समर्थन मिल रहा है। पहले चरण में 5 करोड़ और दूसरे चरण में 15 करोड़ हस्ताक्षर केन्द्र सरकार को सौंपे जा चुके हैं।
इस अवसर कर कृष्णायन गौशाला के पूज्य संत स्वामी श्री अच्युतानन्द जी महाराज ने कहा कि गो सम्मान आह्वान अभियान जीवन में सिर्फ एक बार होने वाला अभियान है। आगे आने वाले समय में भयंकर समय में गोरक्षा ही हम सबके लिए हितकारी साबित होगी। उन्होंने कहा है सभी को यह बात भी समझनी होगी कि यह अभियान किसी व्यक्ति या संगठन के द्वारा नहीं चलाया जा रहा है। बहुत कम समय इस अभियान की गूंज देश के हर कौने तक फ़ैल चुकी है। इस दौरान श्री करुणाधाम पीठाधीश्वर पूज्य श्री सुदेश शांडिल्य जी महाराज सहित अन्य संत, गौसेवक और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे
कार्यकर्ताओं के बीच लगातार संवाद जरूर होना चाहिए...
इस बैठक में विश्व हिंदू परिषद के मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के गौ रक्षा प्रमुख सोहन लाल विश्वकर्मा ने अभियान को जन जन तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओ का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इस लिए कार्यकर्ताओं को आपस में लगातार संवाद करना जरुरी है। किसी स्तर पर कोई कमी हो तो तत्काल उसे दूर करना होगा। गो सम्मान आह्वान अभियान के प्रदेश प्रभारी श्रीराम शर्मा ने कहा कि सभी को गांव गांव पहुंचेंगे।
बहनों की विशेष भागीदारी से होगी अभियान की शुरुआत...
अभियान में महिलाओं की विशेष भागीदारी होगी। रक्षाबंधन पर बहनों के लिए गोसम्मान अभियान के नाम से राखियां उपलब्ध कराई जा रही है। इस बार से बहनों से भाइयों को गोरक्षा और संवर्धन का वचन लेंगी। अभियान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए टोलियां गांव गांव पहुंचगी। क्योंकि गौसंवर्धन का काम यही होगा। प्रदेश में हर पंचायत स्तर पर 21 जोड़े चयनित किए जाएंगे। हर ग्राम पंचायत से 2100 हस्ताक्षर कराए जाएंगे। हर गांव से 50 लोग 17 दिसंबर को भोपाल पहुंचाने का लक्ष्य है।


