शाहपुरा तालाब में सैकड़ों मछलियों की मौत, फैली दुर्गंध
प्रशासन की अनदेखी से जहरीला हुआ पानी, स्वास्थ्य संकट गहराने का खतरा
भोपाल के शाहपुरा क्षेत्र में मनीषा मार्केट से सटे तालाब में सैकड़ों मछलियों की मौत से हड़कंप मच गया है। तालाब में तैरती मरी मछलियां और तड़पती जलीय जीवों की हालत प्रशासनिक उदासीनता की पोल खोल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तालाब में शाहपुरा क्षेत्र का गंदा नाला गिर रहा है, जिससे पानी पूरी तरह प्रदूषित हो गया है। तालाब से उठती दुर्गंध ने आसपास के इलाके में स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है।
प्रदूषण से खतरे में जीव-जंतु और इंसान
तालाब में लगातार गिर रहे गंदे पानी और मछलियों की सामूहिक मौत के चलते न केवल जल का पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हुआ है, बल्कि इस पानी का उपयोग करने वाले पक्षी और अन्य जीव-जंतु भी इसका शिकार हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण यह त्रासदी हुई है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
इस पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं:
1. क्या तालाब शुद्धीकरण के लिए बजट आवंटित नहीं हुआ, या फिर यह पैसा किसी और दिशा में खर्च हो गया?
2. अगर बजट मिला था, तो अब तक तालाब की सफाई क्यों नहीं हुई?
3. जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी तालाब क्षेत्र में लगी है, उन्होंने प्रदूषण की जानकारी प्रशासन को क्यों नहीं दी?
4. भोपाल के अन्य छोटे-बड़े तालाबों की भी क्या यही स्थिति है
स्थानीय लोगों का गुस्सा, महापौर ने दिए जांच के निर्देश
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही से यह स्थिति बनी है। नगर निगम को बार-बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस पर भोपाल की महापौर मालती राय ने कहा कि "अधिकारियों को जांच के निर्देश दे दिए गए हैं, जैसे ही रिपोर्ट आएगी, उचित कार्रवाई की जाएगी।"
क्या प्रशासन नींद से जागेगा?
भोपाल शहर के जल स्रोतों का संरक्षण न केवल पर्यावरणीय संतुलन के लिए बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। प्रशासन की निष्क्रियता ने इस गंभीर मुद्दे को और विकराल बना दिया है। अब देखना यह है कि क्या इस घटना के बाद नगर निगम अपनी जिम्मेदारी निभाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?

